चंडीगढ़ में भारत को चाहिए राष्ट्रपति प्रणाली विषय पर हुआ गोष्ठी का आयोजन

चंडीगढ़, 30 जुलाई : आज पंचनद स्टडी सेंटर के चंडीगढ़ चैप्टर द्वारा आयोजित एक गोष्ठी में बोलते हुए अमेज़न बेस्ट सेलर पुस्तक ‘ह्वाई इंडिया नीड्स दि प्रेजि़डेंशियल सिस्टम’ के लेखक भानु धमीजा ने ‘भारत को चाहिए राष्ट्रपति प्रणाली’ विषय पर बोलते हुए कहा कि शासन प्रणाली समाज के विकास और निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती…

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भारतीय उद्योगों को तबाह करने की साजिश रच रहा चीन : पंचनद

पंचकूला, 23 जुलाई : चीन ने भारतीय उद्योग जगत को तबाह रचने की साजिश रची है। इसके लिए लागत से भी कम मूल्य पर यहां सामान बेचा जा रहा है। चीनी का सामान का बहिष्कार करके ही भारतीय हितों की रक्षा की जा सकती है। पंचनद शोध संस्थान की ओर से रविवार को सेक्टर-10 स्थित…

Mayor releases “Your city,keep it clean” Panchnad sticker

Chandigarh : Chandigarh mayor Asha Jaswal today sought support of NGOs in strengthening bond between Chandigarh Municipal Corporation and citizens. She said support of NGOs was crucial in keeping Chandigarh Clean and enhancing its beauty. She was speaking on the occasion of launching of sticker with the message “Sehar Aapka Hai, isey swach rakhain. Aapke…

चंडीगढ़ की मेयर ने पंचनद शोध संस्थान का स्टिकर लॉंच किया

चंडीगढ़ : चंडीगढ़ की मेयर आशा जसवाल ने शहर को साफ-सुथरा रखने और इसकी खूबसूरती निखारने में शहर के लोगों का सहयोग जुटाने में स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग को सबसे जरूरी बताया और ऐसे संगठनों से बढ़चढ़ कर नगर निगम के साथ खड़े होने की अपील की । श्रीमती जसवाल चंडीगढ़ प्रेस क्लब में पंचनद…

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हर बीमारी का इलाज दवाओं से नहीं : डॉ. कुमार

पंचकूला, 26 मार्च : डायबिटिज आदि अनेक बिमारियों का कारण हमारी बिगड़ती जीवन शैली है। अगर हमअपनी कुछ आदतों को सुधार लें तो बहुत शारीरिक समस्याओं से बच सकते हैं। यह कहनाहै वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ एवं स्वास्थ्य स्तंभकार डॉ. आर. कुमार का। डॉ. कुमार रविवार कोसेक्टर-10 स्थित गुर्जर भवन में पंचनद शोध संस्थान की ओर से आयोजित विचार गोष्ठीको संबोधित कर रहे हैं। गोष्ठी में पंचकूला और चंडीगढ़ के प्रबुद्ध नागरिक मौजूद रहे। डॉ. कुमार ने कहा कि हमारी चिकित्सा प्रणाली में सबसे बड़ी गलती यह की जाती है कि हमबीमारी का इलाज दवाओं से करने की कोशिश की जाती है, जबकि अधिकतर समस्याएंहमारी पारिवारिक और व्यावसायिक परिस्थितियों के कारण खड़ी होती हैं। उन्होंने कहा किठीक समय पर सोना-जगना, सुबह करीब डेढ़ लीटर पानी पीना, धूप सेंकना और साफ हवालेकर अधिकतर बीमारियों से दूर रहा जा सकता है। इस मौके पर जाने-माने शिक्षाविद एवं पंचनद शोध संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. केएसआर्य ने कहा कि शरीर का कोई एक अंग भी बदलवाना पड़ जाये तो लाखों रुपये खर्च होजाते हैं। इस दृष्टि से देखें तो हमारा शरीर करोड़ों रुपये का बनता है। उन्होंने कहा किसामान्य कुछ हजार रुपये की कोई मशीनरी के रखरखाव आदि पर इतना ध्यान देते हैं तोकरोड़ों रुपये के शरीर की देखभाल में इतनी घोर लापरवाही क्यों। उन्होंने कहा कि मनुष्यसबसे ज्यादा मनमानी शरीर के साथ करता जो ठीक नहीं है। ईश्वर की इस श्रेष्ठ कृति हमेंसबसे ज्यादा गंभीरता से लेना चाहिए और इसकी देखभाल के प्रति पूरी तरह से सजग रहनाचाहिए। डॉ. आर्य ने कहा कि मानव जीवन शरीर और दिमाग का समुच्य है और दोनोंमिलकर काम करते हैं। उन्होंने कहा कि शरीर की हर क्रिया कुछ विशेष केमिकल सेसंचालित होती है। इस मौके पर दैनिक ट्रिब्यून के पूर्व संपादक एवं माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिताविश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति श्री राधेश्याम शर्मा, वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. एसपीपूनिया, पंचनद के कोषाध्यक्ष सुखदेव धीमान, एसके सांघी आदि मौजूद रहे।

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युद्ध, आतंकवाद का समाधान है भारतीय ज्ञान : आचार्य देवव्रत

पंचनद शोध संस्थान के कार्यक्रम में बताया दुनिया के संतुलित और सर्वांगीण विकास का रास्ता चंडीगढ़, 26 नवंबर, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में विश्व में फैले आतंकवाद युद्ध और हिंसा का समाधान है। यह दर्शन किसी एक व्यक्ति, क्षेत्र या संप्रदाय के बारे में न सोच कर…

दुनिया के लिए सिरदर्द बन गया है आतंकवाद- किरण रिजीजू

नई दिल्ली : आतंकवाद केवल भारत के लिए नहीं बल्कि दुनिया के लिए सिरदर्द बन गया है। दिन ब दिन यह विषय बढ़ता जा रहा है। जिसे खत्म करने में भारत अहम भूमिका निभा रहा है। आज एक मुस्लिम बहुल राष्ट्र काउंटर अटैक पर अर्तराष्ट्रीय गोष्ठी कर रहे है और मलेशिया के उप प्रधानमंत्री, यूएई,…

शिक्षा का विकास इस प्रकार होना चाहिए कि उसमें भारतीयत्व प्रकट हो : डॉ. बजरंग लाल गुप्त

चंडीगढ़, 10 जुलाई  : भारत की शिक्षा व्यवस्था इस देश की प्रकृति, संस्कृति, पर्यावरण, परिवेश, परिस्थिति, सवालों, समस्याओं एवं संसाधनों के अनुरूप विकसित होनी चाहिए। यह कहना है देश के जाने-माने अर्थशास्त्री एवं दिल्ली स्थित एसएसएन कालेज के पूर्व प्रोफेसर बजरंग लाल गुप्त का। श्री गुप्त रविवार को यहां पंजाब विश्विद्यालय के गोल्डन जुबली हाल में शिक्षा के समकालीन विषय…